24 दिसंबर 2017

ओला केब

लघुकथा

लंदन से बेटी इस बार घर नहीं आ रही थी. वह अपने दो बच्‍चों साथ मुंबई आ गई थी. भारत में बैंक खातों को आधार लिंक, पैन कार्ड से जोड़ना, आधार कार्ड बनवाना, पुरानी प्रोपर्टी को बेचना आदि कई कामों के कारण उनका थोड़े समय के लिए क्रिसमस के पूर्व भारत आने पर बहुत व्‍यस्‍त कार्यक्रम के कारण बेटी-दामाद ने हमें मुंबई बुला लिया था. मैं और पत्‍नी दिन भर उनके साथ रहे. दूसरे दिन हमें घर लौटना था. बोरिवली से मुंबई सेंट्रल. 32 किलोमीटर, 9005-मुंबई सेंट्रल-निजामुद्दीन विशेष राजधानी रेल, रवाना होने का समय 4.00 शाम. हमने ओला केब बुक की. 2 बजकर 4 मिनिट पर हम बोरिवली से रवाना हुए. सफर लगभग डेढ़ घंटे का बताया, तो पहले तो
मुंबई में ओला केब से लिया चित्र
हम निश्चिंत हो गये कि समय से कुछ समय पूर्व पहुँच ही जायेंगे. सभी ने यही कहा था कि दोपहर को ट्रेफिक ज्‍यादा नहीं होता. पर जब केब का सफर शुरु हुआ तो धीरे-धीरे उतार-चढ़ाव आने लगे; कहीं बहुत ट्रेफिक, कहीं जाम, कहीं आगे निकलने की दौड़ ने सफर बहुत धीमा कर दिया. बांद्रा के पास हैंगिग ब्रिज से पहले टोल नाके पर लंबी कतार. वहाँ से रवाना होते ही दिल की धड़कनें धीरे धीरे बढ़ने लगी थीं. केब के मोबाइल स्‍क्रीन पर रुट मेप पर दूरी तय करने में लगने वाले समय को देख कर धड़कने बढ़ रही थी, उससे ऐसा लग रहा था कि आज गाड़ी चूक सकते हैं. हैंगिंग ब्रिज क्रॉस करने के बाद मुंबई सेंट्रल तक भीड़, सिग्‍नल पर रुकने, हैवी ट्रेफिक से चिंता बढ़ती जा रही थी. डेस्टिनेशन 10....9....8....7 मिनिटि. मेरा ध्‍यान बस केब के मोबाइल पर ही था. 3 बज कर 55 मिनिट पर मुंबई सेंट्रल रेल्‍वे स्‍टेशन के सामने कैब ने हमें उतारा. हमने उसे शीघ्र उसका किराया चुकाया और भागे सीधे प्‍लेटफार्म पर. बी-7 कोच में हम दोनों ने कदम रखा और रेल रवाना हो गई. एक क्षण के लिए मैंने दिल की धड़कनों की धक-धक सुनी. अपनी सीट पर बैठ कर हमने शांति की साँस ली. थोड़ी देर बाद मैंने मोबाइल पर कैब के पेमेंट के बारे में मैसेज देखा. उसमें लिखा था- Pls. pay bill aount of Rs. 702 in cash for your ola ride, served by Ramkeval. Tolls/parking included. तब मैंने सोचा कि टोल का भुगतान तो मैंने किया था, मेरे पास रसीद थी, ड्राइवर ने मुझसे पूछने पर कहा ही नहीं कि भुगतान उसे करना है या जिस समय किराया ले उसे कम करके देना है. वह पूरा पैसा ले चुका था. खैर संतोष भी हुआ कि कोई बात नहीं टोल के 60/- रुपये भले ही चले गये, किंतु उसने हमें समय पर मुंबई सैंट्रल पहुँचा दिया था. पर 'ओला केब' की प्रतिष्‍ठा को ध्‍यान में रखते हुए और भविष्‍य में कोई ड्राइवर किसी को इस तरह धोखे में नहीं रखे, रिव्‍यू में मैंने ‘ओला केब’ को टोल के बारे में बताया. अभी तक ओला का कोई जवाब नहीं आया है.


2 टिप्‍पणियां:

  1. Good experience..... Be careful in future.

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  2. ब्‍लॉग पर भ्रमण करने के लिए आभार. परिस्थितियाँ ऐसी थीं कि उस समय मैसेज ही नहीं देख सका, गाड़ी पकड़ना अत्‍यावश्‍यक था. लघुकथा के लिए एक विषय मिला, यह भी क्‍या कम है. धन्‍यवाद.

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