4 मार्च 2019

शिव करते कल्‍याण (गीतिका)

छंद- आल्‍ह.
विधान- चौपाई (16)+चौपई (15), अंत 21.
पदांत- हैं दिन रात
समांत- आते

शिव करते कल्याण भक्तजन , शिव-शिव गाते हैं दिन-रात.
करते पूजा शिवलिंगों की, जोश बढ़ाते हैं दिन-रात.

ज्योतिर्लिंग जहाँ हैं थापित, जाते उन तीर्थों को भक्‍त,
तीर्थाटन से तन मन सारे, पुष्ट बनाते हैं दिन-रात.

करते जन कल्याण महाशिव, हालाहल पी बने महेश,
जीवन का विषकूट पिये वह, भक्त पुजाते हैं दिन-रात.

श्रीगणेश, शिव, नंदी, गौरी, कार्तिकेय जो जपते नित्य,
कोटिक शिवगण रक्षा करते, जान बचाते हैं दिन-रात.

भजो सभी ओम नम: शिवाय', आज पर्व है' महाशिवरात्रि ,
भजते हैं जो नित शिव को वे, कृपा लुटाते हैं दिन-रात

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