28 अगस्त 2022

सच को सच कह डाल

गीतिका

छंद-अभीर/अहीर 

विधान- मात्रा भार 11, दोहे का सम चरण। अंत गुरु लघु, यदि अंत में जगण (121) बने वह छंद अभीर कहलाता है ।

पदांत- कह डाल

समांत- अच

बद से बच कह डाल,

सच को सच कह डाल ।

जो दे आगे दर्द,

रहे न किरच कह डाल।

बन जाएँ सुविचार,

ऐसा रच कह डाल ।

सोच समझ वो बोल,

जाए पच कह डाल 

रुकता कहीं विनाश,

भले असच कह डाल ।

व्‍यंग्‍य चलें तो घोल,

नमक मिरच कह डाल।

सच ही एक अभेद्य,  

पहन कवच कह डाल    

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